मै आज छुट्टी पर हूं! दो दिन बाद मां वापस आ रही है उनके आने के बाद मै उनके साथ घर पर ही रहूंगा तो मेरे पास दो दिन का ही टाइम है यहां रहने के लिए!
यूं की बात सुन कर रू हान सु ने कहा वो तुम्हे प्यार करती है?
यूं _उन्होने मेरी बहुत हेल्प की है उनका भी इस दुनिया में कोई नहीं है तो वो मेरे साथ रहने लगी वो मुझे बेटे की तरह प्यार करती है।
तभी रू हान सु ने पूछा डिनर क्या बनाऊं?
यूं ने कहा जो तुम चाहो, तुमको तो मेरी पसन्द न पसन्द सब पता है वैसे एक बात पूछूं! लोग सेम जेंडर के लोग से कैसे प्यार कर लेते हैं ? मतलब कितना इरिटेटिंग है!
रू हान सु ने कहा क्युकी प्यार का कोई जेंडर नही होता है! प्यार तो बस प्यार होता है !
यूं_क्या तुम् सच में मुझसे प्यार करतें हो?
इस बार रू हान सु ने उसके सर पर हाथ फेरते हुए कहा हां, इस दुनिया में सबसे ज्यादा !
यूं ने जवाब दिया लेकिन मुझे तुमसे प्यार नहीं है!...
मै तुमको पहले ही बोल चुका हूं मेरे लिए तुम पहले और आखिरी शक्स हो जिससे मैं प्यार करता हूं आई लव यू सो मच,लेकिन ये जरुरी तो नहीं है कि तुम भी मुझसे प्यार करो मै तुम्हारी खुशी चाहता हूं! तुम रेस्ट करो मै डिनर रेडी करके लाता हूं और रू हान सु वहा से चला गया।
यूं उसे देखता रह गया और खुद से बोलने लगा ये कितना स्वीट है ।मेरी लाइफ में शायद रू हान सु ही ऐसा है जो मुझे सबसे ज्यादा प्यार करता है, अगर ऐसे ही चलता रहा तो मैं भी उसके प्यार में पड़ जाऊंगा। इसके साथ रहना मुझे अब पसन्द आ रहा है , रू हान सु का नाम लेकर मेरा हर्ट इतना तेज बीट क्यों कर रहा है! फिर अचानक यूं की नज़र अलमारी पर गई,,,,,,,, आखिर उस बुक में क्या है? रू हान सु ने उस बुक को मुझसे छिपाया क्यों? हो सकता है उस बुक में मेरे सवालों का जवाब मिल जाए, यूं ने अलमारी से बुक निकालनी चाही लेकिन वो लॉक था और अलमारी की चाभी रू हान सु ने अपने पास रखा हुआ था! अरे नहीं इसकी चाभी तो रु हान सु के पास है कैसे भी करके मुझे वो चाभी लेनी होगी!
( अब अगर बुक के बारे मे देखे तो वो कोई मामूली बुक नही है ये वही बुक है जो हजारों सालों पहले लिखी गई थी यानि की ये शिन जुई के द्वारा लिखी गई किताब थी जिसमे उसने अपने मास्टर सोवी और जियान के बारे में वो सब लिखा था जो उसने देखा था ताकि आने वाली पीढ़ियों को प्यार का मतलब पता चल सके और वो जान पाए कि प्यार कितना पवित्र होता है, वो किताब पीढी दर पीढी संशोधित होते हुए आधुनिक युग तक आ पहुंची जैसे प्राचीन किताब आज भी मौजूद है! सोवी को उस किताब के बारे में सपने से पता चला और जब उसने वो किताब पढ़ी तो वो समझ गया था कि उसमे सोवी और जियान की ही कहानी है वो नही चाहता था कि यूं अभी उस किताब को पढ़े और दिमाग पर जोर डाले क्युकी उसे डॉक्टर की बात याद आ रही थी और यही वज़ह है कि उसने वो किताब यूं को देखने नही दिया! बिखरे पन्ने ही सही लेकिन वो किताब गवाही थी कि सोवी और जियान ने एक दुसरे के लिए अपने जीवन को त्याग दिया था!)
तभी एक कॉल रिंग हुआ यूं ने देखा तो रु हान सु का मोबाइल रिंग कर रहा था उसमे मॉम लिखा था यूं समझ गया था कि रू हान सु की मॉम का कॉल है ,, और न जाने क्यों उसने एक्साइटेड होकर कॉल रिसीव कर लिया ,, यूं कुछ बोलता उससे पहले उधर से रोने की आवाज़ आई ,, बेटा तुम्हारे डैड की तबियत बहुत खराब है उनका ब्लेडप्रेसर बहुत हाई है हम इमर्जेंसी में हॉस्पिटल लेकर जा रहे हैं तुम जल्दी आना! यूं ने बिना कुछ बोले कॉल कट कर दिया और फ़ौरन रू हान सु कॉल के बारे में जानकारी दी!
डैड की तबियत बिगड़ी हुई है ये सुन कर रू हान सु तेजी से हॉस्पिटल की तरफ भागा और रू हान सु के साथ ही यूं भी उसके साथ गया था , रू हान सु को देख कर मॉम रो पड़ी वो बहुत घबराई हुई थी रू हान सु ने उन्हे समझा कर बिठाया!
डाक्टर ने बताया कि आज रात भर मिस्टर वान को हॉस्पिटल में एडमिट रहना होगा !
यूं को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या हुआ है, वो चुप चाप रू हान सु के साथ उसकी मॉम के साइड वाले सीट पर बैठा था!
रात 11 बजे के आस पास मिस्टर वान का मैनेजर वहा आया और वो और रू हान सु कुछ बात करते हुए वहा से चले गए!
यूं अकेला रू हान सु के मॉम के पास बैठा था उसे बहुत अनकंफर्ट लग रहा था लेकिन वो चुप चाप बैठा रहा तभी अचानक रू हान सु की मॉम बोली,,,, तुम जियान हो?
यूं उनकी बात सुन कर हैरान था वो घबरा कर बोला , जी हां मेरा नाम जियान्यूं है! आपको कैसे पता मेरा नाम? क्या रू हान सु ने बताया?
मॉम ने कहा, तुम्हे तो मै बहुत पहले से जानती हूं सोवी तुम्हारी पेंटिंग बनाता है , जब वो 18 साल का था वो तबसे तुम्हारी पेंटिंग बनाता है पहले मुझे लगता था की वो बस इमेजिनेशन करके बनाता है क्युकी तुम दिखने में बहुत खूबसूरत हो पेंटिंग देख कर लगता ही नही था की सच में वैसा कोई होगा, लेकिन तुम्हे जब आज देखा तो समझ आया सोवी तुम्हारी पेंटिंग बनाता है!
,,,,, क्या, क्या कहा आपने सो,, सोवी? यूं ने हड़बड़ाते हुए पूछा?
मॉम ने कहा रू हान सु का फैमिली नेम है उसकी दादी उसे सोवी बुलाती थी और तबसे हम लोग उसे सोवी बोलते हैं।
ओवियस सी बात थी यूं उनकी बातों को सुन कर हैरान क्युकी यूं तो कुछ ही महीनों से रू हान सु को जानता था और उसकी मॉम ने बताया कि रू हान सु उसकी पेंटिंग 18 साल की उम्र से बना रहा है और सोवी नाम तो यूं के हाथ पर बचपन से टैटू की तरह लिखा हुआ है ये सब बात बहुत कनफ्यूजिंग है उसका सर भारी हो रहा है !
रू हान सु की मॉम बोले जा रही थी,,,,,,,, सोवी हमारा इकलौता वारिस है लेकिन वो जब से यूएसए से वापस बीजिंग आया है तबसे वो बदल चुका है , उसके डैड उसे लेकर बहुत परेशान रहते हैं क्युकी वो ज्यादा दिन अकेले कम्पनी नही संभाल सकते है । फिर अचानक उसकी मॉम ने कहा क्या तुम्ही वो हो?