webnovel

सुपर जीन

Ciencia ficción
En Curso · 1.6M Visitas
  • 330 Caps
    Contenido
  • 4.3
    17 valoraciones
  • NO.200+
    APOYOS
Resumen

शानदार इंटरस्टेलर (तारों के बीच) युग में, मानव जाति ने आखिरकार टेलीपोर्ट तकनीक विकसित कर ली है, लेकिन जब टेलीपोर्ट करने की कोशिश की जाती है, तो वह ना तो भविष्य, ना अतीत ना कोई भी भूमि जो पुरुषों के लिए ज्ञात है, पर पहुँचते हैं ... इस रहस्यमय स्थान को गॉड्स सैंक्चुरी कहा जाता है, जहां कई अज्ञात जीव रहते थे। यहां, मानव सबसे शानदार युग बनाने के लिए और अपनी पीढ़ी को विकसित करने के लिए सबसे बड़ी छलांग लगाएगा। "पवित्र-रक्त जीव काले झींगुर को मार दिया गया। पवित्र-रक्त काले झींगुर जानवर की आत्मा प्राप्त हुई। 0 से 10 जीनो प्वाइंट को हासिल करने के लिए पवित्र-रक्त काले झींगुर का मांस खाएं।"

Chapter 1सुपरजीन

एक वादी में एक पथरीली खाड़ी के किनारे, काले कपड़ों में एक युवक एक चमकदार ब्लैक बीटल लेकर खड़ा था, जो एक केंकड़े और हर्क्युलीज़ बीटल के बीच की कोई चीज़ लग रहा था।

अपने दूसरे हाथ में खंजर पकड़े, उस युवक ने तेज़ी से बीटल के अभी भी छटपटा रहे पंजों को काट डाला, और सफ़ेद मुलायम मांस साफ़ दिखाई देने लगा।

थोड़ा भी संकोच न करते हुए, उस युवक ने उन पंजों से मांस चूसकर खा लिया, मानो वह केंकड़ा खा रहा हो, और उससे भी सख़्त मांस के उससे भी बड़े टुकड़ों के साथ निगल लिया।

"ब्लैक बीटल मारा गया। कोई पशु आत्मा कमाई नहीं गई। ब्लैक बीटल का मांस खाकर शून्य से लेकर दस जीनो पॉइंट कमाओ।"

" ब्लैक बीटल का मांस खा लिया गया। शून्य जीनो पॉइंट कमाए गए।"

एक अजीब-सी आवाज़ हान सेन के मन में उभरी, और उसके साथ थोड़ा डेटा भी।

हान सेन: विकसित नहीं हुआ।

स्थिति: कुछ नहीं।

जीवन की अवधि: 200 वर्ष.

विकास के लिए ज़रूरी: 100 जीनो पॉइंट।

जीनो पॉइंट कमाए गए: 79.

पशु आत्मायें कमाई गईं: कोई नहीं।

"मैंने एक सीध में तीस ब्लैक बीटल से अधिक के द्वारा शून्य जीनो पॉइंट कमाये हैं। मैंने ब्लैक बीटल से अधिक विकसित होने के लिए उसका बहुत ज़्यादा मांस खा लिया होगा। शून्य पॉइंट ! मैं कब पहला विकास ख़त्म करूंगा और कोई स्थिति कमाऊंगा।" हान सेन हताश लग रहा था।

सौ सालों से अधिक समय पहले, विज्ञान और तकनीक ने एक बहुत ऊंचा मकाम हासिल कर लिया था, और मनुष्य ने आखिर स्पेस टेलिपोर्टेशन तकनीक में महारत पा ली थी। लेकिन उन्हें झटका तब लगा, जब वे पहली बार टेलिपोर्ट कर रहे थे, और उन्हें पता चला कि न वे इतिहास में पीछे गए और न ही भविष्य में आगे टेलिपोर्ट किए गए। वे एक ग्रह से दूसरे ग्रह भी नहीं पहुंचे। स्पेस टेलिपोर्ट चैनल के दूसरे छोर पर पूरी तरह से अलग दुनिया उनका इंतज़ार कर रही थी।

एक ऐसी दुनिया जिसकी कल्पना मनुष्य नहीं कर सकते थे! इस दुनिया में, सभी वैज्ञानिक और तकनीकी चीज़ें अपना काम भुला बैठी थीं। मशीनगन का उपयोग स्टील के चाकू जितना भी रह नहीं गया था। मिसाइल और आणविक हथियारों में विस्फोट नहीं हो रहा था, और वे लोहे के मलबे की तरह पड़े थे। कोई मशीनी या इलेक्ट्रॉनिक औज़ार काम नहीं कर रहा था।

सभी तरह के खूंख़्वार जीवों ने धरती पर पकड़ बना ली थी। अपनी बुद्धि और तकनीक के कारण फ़ूड चेन के शिखर पर रहनेवाला मानव आज सबसे नीचे खिसक आया था।

पर जब लोग अपने से कमज़ोर जीवों को मारते और उनका मांस खा जाते, तो उन्हें अचरज होता कि उनके खुद के शरीर भी बहुत ज़्यादा बदल जाते और उनका विकास बहुत तेज़ी से उन तरीकों से होता, जिसका जवाब विज्ञान के पास न हो।

सुखद आश्चर्य यह था कि इस दुनिया में ,शरीर के विकास के साथ, उनकी जीवन की अवधियां भी बढ़ गई थीं, जो पूरी मानवजाति के लिए एक आश्चर्यजनक ख़बर थी।

आनेवाली सदी में, अधिक से अधिक लोग इस दुनिया में दाखिल हो गये, जिसे "गॉड सैंचुरी "कहा जाता था, धीरे-धीरे इस दुनिया के नियमों से वाकिफ़ हुए, उसके जीवों का शिकार किया और अपने खुद के शरीरों को विकसित होते हुए देखा। शारीरिक विकास का पैमाना जितना ऊंचा होगा, जीवन उतना ही लंबा होगा। सैद्धांतिक रूप से, अगर आप विकसित होते रहें, तो शायद अब हमेशा हमेशा के लिए अमर हो जाएंगे। 

इस दुनिया में विज्ञान और तकनीक अपना उपयोग पूरी तरह से खो बैठे थे। मनुष्य के लिए एक ही मददगार चीज़ थी- सबसे पुराने ज़माने के लड़ने के कौशल। प्राचीन युद्धकला को आधुनिक समाज लगभग भूल बैठा था,लेकिन उसका यहां फ़ायदा उम्मीद से ज़्यादा था।

सभी तरह की प्राचीन युद्धकलाओं का फ़िर से विकास हो रहा था, और 100 सालों से अधिक विकास के बाद, नए युद्धकला के स्कूल खुले और अब वे बहुत महत्वपूर्ण थे।

प्राचीन युद्धकला के साथ ही गॉड सैंचुरी ने मानवों को प्रगति के लिए एक ओर औज़ार दिया, पशु आत्मा।

गॉड सैंचुरी में किसी जीव को मारते समय, उस व्यक्ति के पास उस जीव की पशु आत्मा हासिल करने का मौका होता था। पशु आत्माओं का हर तरह का रूप और बनावट हुआ करती थी। उनमें से कुछ को मानवों के लिए लड़ने के लिए बुलाया जा सकता था, और कोई कवच या हथियार के रूप में प्रकट होतीं।

इसके अलावा, कुछ पशु आत्मायें मानवों को रूप बदलनें मे भी मदद कर सकती थीं। उनकी मदद से मानव डरावने राक्षसों, आसमान और धरती के बीच उड़नेवाले जादुई पक्षियों या ज़मीन के अंदर खुदाई करनेवाले कीड़ों का रूप ले सकते थे।

बिचारा हानसेन के पास न कोई युद्धकला थी, न कोई पशु आत्मा।

आधुनिक समाज में भी, प्रगतिशील विज्ञान और तकनीक केवल कुछ ही लोगों के हाथ में थी।

हानसेन ने इंटेग्रेटेड कंपल्सरी शिक्षा पूरी की और वह 16 साल की उम्र में गॉड सैंचुरी में दाखिल हुआ। स्कूल में उसने नई युद्धकला शुरुआती स्तर से अधिक नहीं सीखी थी - जो सभी जानते थे।

जहां तक पशु आत्माओं की बात है, वे इतनी महंगी थीं कि सबसे सस्ती भी हान सेन की पहुंच से बाहर थीं।

युद्धकलाओं और पशु आत्माओं या प्रगतिशील मनुष्य के बनाए स्टील के हथियारों के बिना, हान सेन सिर्फ़ कुछ निचले स्तर के जीवों को मारकर और उनका मांस खाकर विकसित हो पाया। कुल मिलाकर गॉड सैंचुरी में उसका समय बहुत कठिन बीत रहा था।

उसने निचले स्तर के जीवों का मांस जितना ज़्यादा खाया, उसपर विकास का प्रभाव उतना ही कम हुआ। गॉड सैंचुरी में तीन महीने बिता लेने के बाद, वह एक शारीरिक विकास भी पूरा नहीं कर पाया था।

हान सेन ने कुछ और शक्तिशाली जीवों को मारने की कोशिश की थी, पर सबसे कमज़ोर प्राचीन युग के प्राणी यानी तांबे के दांत के पशु ने करीबन उसकी जान ही ले ली थी। वह एक महीना आराम करके ही गॉड सैंचुरी में वापस लौटकर आ पाया।

इस समय तक हान सेन ने उसके आजू-बाजू के लगभग सभी प्रकार के सामान्य जीव खा लिए थे, और उन सब का मांस खाने से उसे कोई फ़ायदा नहीं हो रहा था। अगर वह अधिक प्रगतिशील जीवों के शिकार का ख़तरा मोल न लेता, तो वह कभी विकसित न हो पाता।

जब वह एक तांबे के दांत के पशु को मारने ही वाला था, हान सेन ने खाड़ी के पानी से किसी को बाहर की ओर आते देखा।

पहले उसने सोचा कि वह ब्लैक बीटल होगा, पर थोड़ी ही देर बाद उसे लगा कि यह कुछ अलग है; सभी ब्लैक बीटल्स के काले शेल होते थे, पर इस वक्त को उसे चमकदार सुनहरा रंग नज़र आ रहा था।

हान सेन ने पानी से ऊपर आते जीव को देखा। वह वाकई एक ब्लैक बीटल था, पर सामान्य बीटल से अलग था, क्योंकि उसका सुनहरा शरीर बास्केटबॉल जितना बड़ा था। वह सोने से मढ़े हुए एक शिल्प की तरह था, और उसकी आंखें मोतियों की तरह एकदम साफ़ थीं। अगर कोई उसे ध्यान न देखता, तो न जान पाता कि वह जीता-जागता प्राणी था।

"यह ब्लैक बीटल इतना अजीब क्यों है?" हान सेन एकटक लगाकर उस सुनहरे ब्लैक बीटल को देखने लगा।

हाल ही में उसने अनगिनत ब्लैक बीटल्स को मारा था, और वह उनके बारे में सबकुछ जानता था। उनकी नज़र कमज़ोर होती थी, पर उन्हें बारीक आहट भी सुनाई दे जाती थी। जब तक हान सेन स्थिर होकर एकदम उसके पास भी क्यों न खड़ा रहता, कोई ब्लैक बीटल उसे भांप नहीं सकता था।

हान सेन ने अजीब-से बीटल की ओर देखा, और अचानक, वह उसकी ओर चढ़ने लगा, जिसकी उम्मीद न थी।

सुनहरे ब्लैक बीटल के हान सेन की ओर रेंगते हुए आते ही, बिना संकोच के उसने एक हाथ से सुनहरे बीटल का शेल पकड़ा और फ़ुर्ती से, अपने दूसरे हाथ में पकड़े खंजर से उसके कोमल जॉइंट चीर डाले। उसने ऊपर और बीच की ओर से छह महीन वार करके बीटल के सभी छः पंजे काट दिये।

सुनहरा ब्लैक बीटल थोड़ा तड़पा और पलट गया। इस मौके का फ़ायदा उठाकार, हान सेन ने उसके पेट पर बने सफ़ेद निशान पर अपना खंजर घोंपा और उसे तेज़ी से घुमाया। अचानक ही, बिचारे सुनहरे बीटल ने हिलना बंद कर दिया था।

"पवित्र खून का जीव ब्लैक बीटल मारा गया। पवित्र खूनवाले ब्लैक बीटल की पशु आत्मा कमा ली गई। पवित्र खूनवाले ब्लैक बीटल का मांस खाकर 0 से 10 जीनो पॉइंट कमा लो।"

También te puede interesar

द टाइम मशीन - अतीत और भविष्य की दुनिया

एक ऐसी मशीन है, जो हमें अपने अतीत में ले जाती है, जहां हम अपने अतीत को बदल सकते हैं। वैज्ञानिक मुकुल लगभग 30 सालों से ऐसी टाइम मशीन बनाने की कोशिश कर रहे थे, ताकि वे अपने मरे हुए माता-पिता को फिर से जीवित करने के लिए अतीत में जाकर उस समय पहुंच सकें, जब उनके माता-पिता की जान जाने वाली थी। वैज्ञानिक मुकुल ने ऐसी मशीन बनाई, लेकिन पहली बार प्रयोग करते समय मशीन का विस्फोट हो गया। इस हादसे में उनका दोस्त भास्कर, जो उस समय छोटा था, मुश्किल से बच पाया। इस घटना के बाद उनकी दोस्ती टूट गई। लेकिन कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिन्हें कोई भी नहीं बदल सकता। इंसान चाहे कितनी भी कोशिश करे, वह कुदरत के खिलाफ नहीं जा सकता। अगर वह ऐसा करने की कोशिश करता है, तो कुदरत खुद उसे रोक देती है। वैज्ञानिक मुकुल भी कुदरत के खिलाफ जाकर कुछ ऐसा ही बना रहे थे। उन्होंने दूसरी बार एक नई टाइम मशीन बनाई, तब वे सफल हो गए। अब इंसान अतीत में जा सकता था। इस बार, कुदरत ने फिर से अपना करिश्मा दिखाया और भास्कर की पत्नी सैली की मौत हो गई। भास्कर अपनी पत्नी को बचाने के लिए कई बार टाइम ट्रेवल करता है, लेकिन हर बार असफल रहता है। आखिरकार, वे समझ जाते हैं कि हम टाइम ट्रेवल करके अतीत को बदल नहीं सकते। जब वे दोनों हार मान लेते हैं, तब कुदरत उन्हें फिर से अपनी गलती सुधारने का एक मौका देती है। इस कहानी में वैज्ञानिक मुकुल, भास्कर और उसकी पत्नी सैली की जिंदगी का विस्तार से वर्णन किया गया है। साथ ही, टाइम ट्रेवल के हर रोमांचक किस्से को भी बताया गया है।

AKASH_CHOUGULE · Ciencia ficción
Sin suficientes valoraciones
21 Chs
Tabla de contenidos
Volumen 1
Volumen 2

valoraciones

  • Calificación Total
  • Calidad de Traducción
  • Estabilidad de Actualización
  • Desarrollo de la Historia
  • Diseño de Personajes
  • Contexto General
Reseñas
gustó
Últimos
noname93
noname93Lv3

मेरे द्वारा पढ़े गए सभी उपन्यासों में यह सबसे उम्दा उपन्यास रहा है। जो कोई भी है उपन्यास पढ़ना चाहता है मैं उसको यही कहूंगा कि एक बार आप इस उपन्यास को मौका दें। इसमें वह सभी कुछ है जो आपका ध्यान इसी पर रखेगा और आपको मंत्र मुक्त करके रखेगा। इस उपन्यास में कई खूबियां हैं, उनमें से एक की इसका जो मुख्य किरदार है वह मूर्ख नहीं है और सूझ बूझ कर काम करता है। वह अपना दिमाग लगाता है और लोगों के कहने में नहीं आ जाता है। साथ ही साथ यह किरदार बहुत ही स्वार्थी व्यक्ति भी है तो यह उपन्यास कभी भी बोरिंग नहीं होता है। मैं बहुत खुश हूं कि वेबनोवल ने यह पहल उठाई और इस उपन्यास को हिंदी में भी ट्रांसलेट किया।

siddarth_joshi
siddarth_joshiLv3
Karan_Malhotra_2311
Karan_Malhotra_2311Lv2
Bablu_Kashyap_9981
Bablu_Kashyap_9981Lv1
Ashish_Babu_6498
Ashish_Babu_6498Lv1

APOYOS